Wednesday, January 14, 2026

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जयशंकर प्रसाद

होली प्रेम की वह रसधारा है, जिसमें समाज भीगता है।

बसंत दुष्ट है।उसके चाल चलन अच्छे नहीं है।बसंत काम और रति का पुत्र है, सखा भी।यह सभी वर्जनाएं तोड़ने को आतुर रहता है। इस...

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Sant Kumar Sharma
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Veeresh Malik
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